satna me ghumne ki jagah | सतना में घूमने की जगह

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satna me ghumne ki jagah >मध्य प्रदेश की खूबसूरत विंध्य की पहाड़ियों में बसा हुआ सतना घूमने के लिए काफी शानदार जगह है यहां पूरी साल टूरिस्ट घूमने के लिए आते हैं सतना को प्रमुख रूप से व्यापारिक केंद्र भी माना जाता है क्योंकि यहां सीमेंट उद्योग के लिए भी काफी ज्यादा फेमस है सतना में आपको कई सारे ऐतिहासिक और प्राचीन चीज भी देखने को मिलेंगे

सतना के पास ही आपको मैहर वाली मां शारदा का मंदिर देखने को मिलेगा इसके अलावा चित्रकूट धाम भी आपको सतना के पास में ही मिलेगा और भी बहुत कुछ आप सतना में देख सकते हैं अगर आप सतना जाने की सोच रहे हैं तो आप हमारे इस आर्टिकल में बने रहे क्योंकि हम हमारे इस आर्टिकल में आपको satna me ghumne ki jagah से संबंधित सारी जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराएंगे

सतना में घूमने के प्रमुख दर्शनीय स्थल

  • शारदा देवी मंदिर मैहर
  • चित्रकूट धाम
  • भरहुत स्तूप
  • राम वन तुलसी संग्रहालय
  • गृध्दकूट पर्वत
  • धारकुंडी आश्रम
  • गैवीनाथ धाम बिरसिंहपुर
  • पारसमनिया पर्वत एवं झरना
  • वेंकटेश मंदिर

1. शारदा देवी मंदिर – मैहर

सतना में घूमने के लिए शारदा देवी मंदिर एक बहुत ही प्राचीन और दर्शनीय स्थल है यह सतना से लगभग 42 किलोमीटर की दूरी पर बना हुआ है यह मंदिर त्रिकूट पर्वत के ऊपर है यहां ऐसा माना जाता है कि आज के समय में भी यहां आल्हा ऊदल पूजा करने के लिए आते हैं अगर आप सतना जाते हैं तो आपको यह मंदिर जरूर जाना चाहिए और नवरात्रि के मौके पर यहां विशाल मेले का आयोजन किया जाता है अगर आप नवरात्रि के समय यहाँ जाते हैं तो आपको काफी भक्त देखने को मिलेंगे

2. चित्रकूट धाम

सतना के आसपास घूमने के लिए सबसे सुंदर जगह चित्रकूट धाम है चित्रकूट सतना से लगभग 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है चित्रकूट को धार्मिक नागरि का दर्जा भी है  चित्रकूट में भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान सबसे अधिक समय बिताया था और चित्रकूट में आपको कमातगिरी नाम का एक पर्वत भी देखने को मिलता है जिसे भगवान कामत नाथ का मंदिर है  इस पर्वत की परिक्रमा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है और यहां पर बड़ी संख्या में भक्त पर्वत के परिक्रमा करते हैं इसके अलावा आप और भी कई जगह चित्रकूट पर घूम सकते हैं

  • सती अनुसुइया आश्रम।
  • रामघाट ।
  • हनुमान धारा।
  • गुप्त गोदावरी।
  • स्फटिक शिला।
  • राम-भरत मिलाप मंदिर।
  • लक्ष्मण मंदिर।
  • सीता रसोई।

3. राम वन तुलसी संग्रहालय

अगर आप सतना जाते हैं तो आप राम बन घूमने के लिए जरूर जाये यह सतना से लगभग 70 किलोमीटर दूर है जहां भगवान राम अपने वनवास के समय यहां से निकले थे इसी कारण इस स्थान को राम वन कहा जाता है यहां पर आपको भगवान राम और भगवान कृष्ण की सुंदर-सुंदर मूर्तियां देखने को लिए भी मिल जाएगी यहां पर तुलसी संग्रहालय स्थित है जिसमें आप अपने शहर की प्राचीन कलाकृतियों को देख सकते हैं और यहां पर प्राचीन मूर्तियां भी देखने को मिलती है अगर आप सतना जाते हैं तो आपको यह जगह भी जरूर जाना चाहिए

4. गैवीनाथ धाम, बिरसिंहपुर-

सतना से लगभग 45 किलोमीटर दूर पर आपको वीरसिंह पुर में भगवान महाकाल का एक प्राचीन मंदिर देखने को मिलता है जिसे हम गैवीनाथ धाम

मंदिर के नाम से जानते हैं और यह मंदिर काफी ज्यादा प्रसिद्ध है और इस मंदिर का वर्णन आपको पुरंड  में मिलता है यहां पर औरंगजेब ने अपनी सेना को मंदिर तोड़ने के लिए भेजा था जैसे ही सेना ने भगवान शंकर के शिवलिंग पर पांhamla  किया तो वह इतनी सारी मधुमक्खियां आए गयी जिससे सैनिक अपनी जान बचाकर वहां से भाग गए यह मंदिर बहुत ही ज्यादा प्राचीन है और कहा जाता है कि यह भगवान शंकर की कृपा से यहां पर बहुत सारी शिवलिंग निकलते हैं

5. धारकुंडी आश्रम-सतना

सतना से लगभग 58 किलोमीटर दूर आपको जंगलों के बीचों-बीच धार कुंडी आश्रम देखने को मिलता है और ऐसी मानता है कि महाभारत के दौरान युधिष्ठिर और दक्ष के बीच यहां पर वार्तालाप हुआ था यहां पर आज भी कई सारे संत रहते हैं इनके दर्शन करने के लिए हजारों लोग यहां पर आज भी आते हैं और उनके दर्शन बड़ी मुश्किल से हो पाते हैं अगर आप इस आश्रम में जाते हैं तो आपको अलग ही प्रकार की पॉजिटिव एनर्जी देखने को मिलेगी

6. गृध्दकूट पर्वत – सतना

यह पर्वत सतना से लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर है और यहां पर हर वर्ष बसंत पंचमी में मेला का आयोजन किया जाता है इस पर्वत पर आपको बहुत गृध्द देखने को मिलेंगे कहा जाता है कि जटायु के भाई संपत्ति का जन्म इसी पर्वत पर हुआ था यहां एक नदी बहती है जिसमें स्नान करने से मन शांत हो जाता है इस पर्वत का वर्णन आपको प्राचीन ग्रंथो में भी देखने को मिलता है अगर आप सतना जाते हैं तो आपको इस पर्वत पर जरूर जाना चाहिए

7. व्यंकटेश मंदिर-सतना

सतना के पास ही आपको 150 वर्ष पुराना प्राचीन मंदिर देखने को मिलता है इस मंदिर का निर्माण लाल पत्थर से हुआ है और यह दक्षिण भारत की कुशल कारीगरी को दर्शाता है इस मंदिर को बनने में 49 वर्ष लगे थे इस मंदिर में सभी प्रकार के हिंदू त्यौहार को बहुत तरीके से मनाया जाता है चाहे रामनवमी हो या जन्माष्टमी या महाशिवरात्रि यहां कोई भी हिंदू त्योहारों से काफी अच्छे से मनाया जाता है अगर आप सतना जाते हैं तो भगवान वेंकटेश के दर्शन करना बिल्कुल ना भूले

यात्रा टिप्स (2025 के लिए)

अगर आप सपना जाते हैं तो आपके लिए नवंबर से फरवरी का मौसम सतना में घूमने के लिए काफी अच्छा है इसके अलावा आप बारिश के समय में भी सतना जा सकते हैं ट्रेन के द्वारा आप काफी आसानी से सतना पहुंच सकते हैं और रोड मार्ग से भी सतना जा सकते हैं सतना एक ऐसा शहर है जो सभी तरह से पहुंचा जा सकता है सतना में ठहरने के लिए आपको कई सारी होटल मिल जाएगी और खाना खाने के लिए आपको कई सारे रेस्टोरेंट मिल जाएंगे अगर आप सतना जाते हैं तो आप यहां के लोकल बाजार में जरूर जाएं

निष्कर्ष satna me ghumne ki jagah

दोस्तों हमने आपको हमारे इस आर्टिकल में बताया है कि सतना किस प्रकार जाया जा सकता है और सतना में कौन-कौन सी जगह घूमने के लिए अच्छी हैं अगर आपको हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल अच्छा लगता है और इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको समझ आ गया है कि आप सतना में कौन-कौन सी जगह जा सकते हैं तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं

 

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